साइलेज · महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में मक्का साइलेज सप्लायर
रिचनेस्ट एनिमल न्यूट्रिशन पंजाब में प्रीमियम मक्का साइलेज (मक्के का चारा, जिसे पंजाब में "पशुआं दा अचार" कहते हैं) बनाती है और महाराष्ट्र के पशुपालकों, डेयरियों और गौशालाओं को सप्लाई करती है। हर बेल पूरे मक्के के पौधे से बनती है — 8–12 मिमी कटाई, कसकर दबाई गई और 9-लेयर स्ट्रेच फिल्म में सील, ताकि आपके पशुओं तक हरा, पौष्टिक चारा पहुंचे।
- 30–35% ड्राई मैटर
- फर्मेंटेशन के बाद pH 3.8–4.2
- 100, 400 और 500 किलो की बेल
- सील बेल 12+ महीने सुरक्षित

महाराष्ट्र के पशुपालक साइलेज क्यों अपना रहे हैं
महाराष्ट्र उन गिने-चुने राज्यों में है जहां आधे से ज़्यादा पशुपालक साइलेज के बारे में जानते हैं। KVK बारामती (पुणे) में साइलेज अपनाने वाले किसानों के दूध में 22% और फैट में 6% बढ़ोतरी दर्ज हुई।
साइलेज से पहले कई बारानी किसान गर्मी में गन्ने का अगोला खिलाते थे, जिससे कुपोषण और बार-बार गर्भ न ठहरने की समस्या होती थी। तैयार मक्का साइलेज बेल फार्म पर साइलेज बनाए बिना हरे चारे का संतुलित आधार देती हैं।
हर रिचनेस्ट बेल में क्या मिलता है
- दूधिया-दाना (milk-dough) अवस्था में काटा गया पूरा मक्का — जब ऊर्जा और पाचनशक्ति सबसे ज़्यादा होती है।
- लैक्टिक फर्मेंटेशन से pH 3.8–4.2 — खट्टी-मीठी खुशबू, पशु चाव से खाते हैं।
- 9-लेयर हाई-बैरियर फिल्म — सील रहने तक 12+ महीने हवा अंदर नहीं जाती।
- तीन साइज़ की बेल — 2–3 पशु वाले किसान और सैकड़ों पशुओं वाली गौशाला, दोनों खुली बेल 3–5 दिन में खत्म कर सकें।
महाराष्ट्र में ऑर्डर कैसे करें
WhatsApp पर अपना जिला, पशुओं की संख्या और कितने टन चाहिए, यह भेजें। हमारी सेल्स टीम आपके जिले तक का रेट और डिस्पैच की तारीख बताएगी। बेल हमारे पंजाब यार्ड से ट्रक द्वारा भेजी जाती हैं।
हम महाराष्ट्र के हर जिले से ऑर्डर लेते हैं, जैसे पुणे, अहमदनगर, नासिक, सातारा, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर और औरंगाबाद। जिन गौशालाओं और डेयरियों को नियमित चारा चाहिए, वे महीने का शेड्यूल बुक कर सकती हैं ताकि कमी के महीनों में भी चारा खत्म न हो।
कितना साइलेज खिलाएं
शुरुआत 3–5 किलो प्रति पशु से करें और 7–10 दिन में पूरी मात्रा तक ले जाएं। यह चार्ट शुरुआत के लिए है:
| पशु | साइलेज / दिन | सूखा चारा | दाना (concentrate) |
|---|---|---|---|
| दुधारू गाय / भैंस (400–450 किलो) | 18–25 किलो | 4–6 किलो | हर 2.5 लीटर दूध पर 1 किलो |
| सूखी / गाभिन पशु | 10–15 किलो | 5–6 किलो | 1–1.5 किलो |
| बछिया (6–18 महीने) | 6–10 किलो | 2–3 किलो | 1 किलो |
| बैल / गौशाला का बड़ा पशु | 12–18 किलो | 5 किलो | 0.5–1 किलो |
| बकरी / भेड़ | 1–3 किलो | 0.5 किलो | 200–300 ग्राम |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आप महाराष्ट्र में साइलेज भेजते हैं?+
हाँ। रिचनेस्ट महाराष्ट्र के पशुपालकों, डेयरियों और गौशालाओं को मक्का साइलेज बेल सप्लाई करती है। WhatsApp पर अपना जिला और मात्रा भेजें, हम रेट और डिस्पैच की तारीख बताएंगे।
महाराष्ट्र में साइलेज का रेट क्या है?+
रेट बेल के साइज़, मात्रा और आपके जिले तक के भाड़े पर निर्भर करता है, इसलिए हर ऑर्डर का रेट अलग बताया जाता है। WhatsApp पर जिला और मात्रा भेजें, टीम आज का रेट बताएगी।
कौन सी बेल लूं — 100 किलो या 400 किलो?+
उतनी बड़ी बेल लें जो आपके पशु खोलने के 3–5 दिन में खत्म कर दें। रोज़ 80–130 किलो खाने वाला झुंड 400 किलो की बेल समय पर खत्म कर देता है; 2–3 पशुओं के लिए 100 किलो की बेल ठीक है।
साइलेज बेल कितने दिन चलती है?+
सील बंद बेल छाया में, सूखी जगह पर और चूहों से बचाकर रखें तो 12+ महीने ठीक रहती है। खोलने के बाद 3–5 दिन में खिला दें और कटे हिस्से को ढककर रखें।
महाराष्ट्र में मक्का साइलेज मंगवाएं
अपना जिला, पशुओं की संख्या और मात्रा बताएं। हम आपके जिले तक का रेट और डिस्पैच की तारीख बताएंगे।
